‘मुन्ना भाई MBBS’ से मशहूर हुआ था ये शख्स, आजकल रहता है ‘गुफा’ में..

0
328

फिल्ममुन्ना भाई एमबीबीएसका जादू की झप्पी वाला सीन आपको जरूर याद होगा जिसमें एक सफाई कर्मचारी को संजय दत्तजादू की छप्पी देते हैं। इस किरदार को निभाने वाले सुरेंद्र राजन के बारे में कम ही लोग जानते हैं। फिलहाल सुरेंद्र हिमालय में रहते हैं।

75 साल की उम्र में ही सुरेंद्र राजन शहर छोड़कर हिमालय की प्राकृतिक वादियों में रहने लगे। पिछले चार साल से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित हिमालय के सबसे आखिरी गांव खुन्नू में रह रहे हैं। चार साल दुनिया से कटे रहने के बाद वे कुछ महीनों के लिए शहरों की ओर आए हैं। भारत भवन के निर्माण के समय मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग में दो साल ओएसडी के पद पर रहे और इसलिए भोपाल से काफी लगाव है। वे पिछले 40 दिनों से भोपाल में रह रहे हैं।  बातचीत में उन्होंने अपनी जीवनशैली के बारे में बताया।

करीब 70 से अधिक फिल्मों में छोटेबड़े रोल करने वाले सुरेंद्र एक चित्रकार और फोटोग्राफर के रूप में एक बड़ी पहचान रखते हैं और इन सबके अलावा इनका घुमक्कड़ स्वभाव और बेफिक्री से जीने का अंदाज आपको हैरान कर देगा।

गुफा में सिर्फ जरुरत का सामान 
सुरेंद्र हिमालय में पत्थरों से बने एक कमरे के घर में रहते हैं जिसे उन्होंने एक रिटायर्ड फौजी से मांगा है। फौजी उस घर में चाय की दुकान चलाता था। गांव में जाने के लिए तकरीबन 17 किलोमीटर पहाड़ चढ़ना पड़ता है, इसलिए वे तीनचार महीनों में शहर आकर साबुन, तेल जैसे सामान खरीदने आते हैं। झरनों से पानी की व्यवस्था हो जाती है, पास में एक नदी भी बहती है।

सुरेंद्र बताते हैं, “लोगों को मेरा जीवन अजीब लग सकता है लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ पैसे के पीछे भागना अजीब है। मैंने कभी करियर जैसी चीज पर यकीन नहीं किया। मैंने काफी पहले सोच लिया था कि सिर्फ वही चीजें इकट्ठा करूंगा जो अपने साथ ऊपर ले जा सकूं। मैं अब 80 साल की उम्र में कह सकता हूं कि मैंने अपना जीवन काफी सही तरीके से जिया और जी रहा हूं। हर कोई मेरी तरह हिमालय पर नहीं जा सकता, समाज में सबकी जिम्मेदारियां है, लेकिन एडवेंचर के शौक की वजह से मुझे सर्वाइव करने का तरीका पता है। वहां प्रकृति की गोद में मुझे मेरी जरूरत का सारा सामान मिल जाता है।

एक्टर नहीं पर फिल्म कमाई का जरिया 
मैं एक्टर नहीं हूं, लेकिन फिल्म के साथ अच्छी बात है कि मैं जो रोल करता था उसमें काफी पैसे मिलते थे। और कमाई के लिए न कैनवास खरीदने की जरूरत न ही रंग लगाने की मेहनत। उन पैसों से मैं घूमा करता था। जिन फिल्मों में मैंने काम किया है, उनमें से ज्यादा के नाम भी नहीं पता रहते थे और देखने भी नहीं जाता था। मैंनेमुन्ना भाई एमबीबीएसजरूर देखा है।

 

16 साल तक कार ही बना रहा आशियाना 
मुझे जीवन की सच्चाई काफी पहले पता चल गई थी और इसलिए मैंने अपना जीवन घूमते हुए बिताया। कमाई भी उतनी ही की जितना मेरे घूमने के लिए जरूरी था। मैंने देश के हर कोने के साथ हंग्री, ऑस्ट्रिया जैसे कई देशों में महीनों तक यात्राएं की है। घूमने के शौक की वजह से मैंने 16 साल तक कोई किराए का मकान भी नहीं लिया। कार में ही रहता और देश भर की सैर करता रहता था। फिल्मों के काम करने के वक्त मुंबई में किराए के मकान में रहा। तकरीबन 40 की उम्र में ही मैंने सोच लिया था कि 75 साल की उम्र में शहर छोड़ हिमालय पर चला जाउंगा। फिल्मों में रोल के लिए कई लोग अभी भी मुझे खोजते रहते हैं।

 

खबरें विचलित करती हैं इसीलिए कुछ नहीं देखता 
मैं बहुत संवेदनशील इंसान हूं और देशदुनिया की खबर देख विचलित हो जाता हूं। मैंने पिछले 10 साल से अखबार नहीं देखा था और पिछले चार साल से टीवी इंटरनेट सबकुछ से कटा हूं। गांव में कभीकभार नेटवर्क आता तो फेसबुक पर दोस्तों के पोस्ट पढ़ता था लेकिन वहां हिमालय में भी ऐसे पोस्ट अशांत कर देते हैं, इसलिए अब इससे भी किनारा कर लिया है।

SOURCEDainik Bhaskar

LEAVE A REPLY