देश के हर कोने में ब्लड पहुंचाते है ये लड़के, आपको चाहिए तो करें ऐसा..

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मोबाइल नंबर 97555-50555 को आप मोबाइल में सेव कर लीजिए। यह नंबर है इंदौर कीरक्तमित्र हैं हमसंस्था का। ऐसी संस्था, जो देश के किसी भी कोने में किसी मरीज को खून की जरूरत होने पर रक्तमित्र को पहुंचाकर यह व्यवस्था करवा रही है।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक पहुंचते हैं ब्लड 
चार साल की मेहनत के बाद संस्था ने देश में ऐसा नेटवर्क स्थापित किया है। इस संस्था से छात्र, प्रोफेशनल, व्यापारी, सरकारी अधिकारीकर्मचारी लगातार जुड़कर अपना ब्लड ग्रुप और मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवा रहे हैं। संस्था के फाउंडर यश पाराशर बताते हैं कि जम्मूकश्मीर से कन्याकुमारी, गुजरात से लेकर बिहार तक कहीं भी रक्त की जरूरत हो तो संस्था कुछ ही देर में डोनर उपलब्ध करवा देती है। संस्था के पास हर दिन औसत 70 कॉल खून के लिए आते हैं। इनमें से 90 फीसदी लोगों को खून सप्लाय किया जता है।

मोबाइल नंबर 97555-50555 को आप मोबाइल में सेव कर लीजिए। यह नंबर है इंदौर कीरक्तमित्र हैं हमसंस्था का।
संस्था के दूसरे सहयोगी संदीप शर्मा के मुताबिक हमारे पास एेसे कॉल भी आते हैं जो खुद अपने परिजन को खून नहीं देना चाहते, लेकिन हमसे रक्तदान की उम्मीद करते हैं। ऐसे लोगों को इनकार कर देते हैं। हाल ही में एक केस ऐसा आया जिसमें बेटे ने ही मां को खून नहीं दिया। बेटे ने हमसे कहा कि मैं जिम जाता हूं। इसलिए खून नहीं दे सकता।

ब्लड ग्रुप के साथ मोबाइल नंबर 
यश ने अपने मोबाइल में लोगों के नंबर भी अलग तरीके से सेव कर रखे हैं। पहले व्यक्ति का ब्लड ग्रुप, फिर उसका नाम और आखिर में नंबर सेव किया जाता है। इसका फायदा यह होता है कि ब्लड ग्रुप के हिसाब से मोबाइल में डायरेक्टरी बन गई है। जिस भी ब्लड ग्रुप की आवश्यकता होती है, उस ग्रुप को मोबाइल में तलाश कर कॉल किया जाता है।

इस संस्था से छात्र, प्रोफेशनल, व्यापारी, सरकारी अधिकारीकर्मचारी लगातार जुड़कर अपना ब्लड ग्रुप और मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवा रहे हैं।

सोशल मीडिया के जरिये भी जोड़े डोनर
यश के मुताबिक देशभर में नेटवर्क स्थापित करने में करीब चार साल लग गए। हमने सबसे पहले प्रमुख शहरों में ऐसे लोगों की पहचान की, जो रक्तदान करते हैं, लेकिन उनके पास पहचान नहीं है। उन्हें संस्था से जोड़ा। कुछ जगह व्यक्तिगत रूप से गए तो दक्षिण के शहरों में मोबाइल, सोशल मीडिया के जरिए डोनर जोड़े। देश में 15 हजार रक्तमित्र तैयार हो गए हैं।

थेलेसिमिया पीड़ितों के लिए अलग व्यवस्था 
यश का कहना है कि हमारे पास प्रदेश में थैलेसीमिया के 20 मरीज रजिस्टर्ड हैं। ऐसे मामलों के लिए रक्तमित्र पहले तय रहते हैं। उन्हें रक्तदान का दिन और समय बता दिया जाता है। संस्था की वेबसाइट www.raktmitra.org भी तीन दिन में तैयार हो जाएगी। इसके माध्यम से भी लोग रक्त के लिए डिमांड कर सकते हैं। खुद भी रक्तमित्र बन सकते हैं।

 

SOURCEDainik Bhaskar

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