कोई VIP नहीं हैं ये 2 बहनें, फिर भी इन लड़कियों के साथ चलती है पुलिस

0
501

वाराणसी(यूपी), यहां एक हफ्ते से दो बहनें फैंटम टीम (पुलिस प्रोटेक्शन) से लैस होकर घर से स्कूल जा रही हैं। आते और घर लौटते वक्त भी दो पुलिसकर्मी बाइक से उनके पीछे चलते हैं। दरअसल, 23 नवंबर को इन छात्राओं के साथ एक देहला दने वाला हादसा हुआ। इसके बाद इन्होंने घर से निकलना छोड़ दिया था। इसी के चलते इन्हें पुलिस की निगरानी दी गई है। छात्रा का कहना है, ”बिना खौफ के स्कूल जा पा रहे हैं। लेकिन फ्रेंड्स रोज पूछती हैं कि पुलिस क्यों साथ आती-जाती हैं।”

 

6 से 7 लड़कों के डर से छोड़ दिया था स्कूल…मामला अर्दली बाजार इलाके का है। यहां विकास मिश्रा (काल्पनिक नाम ) पत्नी, दो बेटियों मानवी, सुमन (काल्पनिक नाम ) और एक बेटे रविश (काल्पनिक नाम ) के साथ रहते हैं। इनकी तीनों बच्चे पास के ही स्कूल में पढ़ते हैं। 23 नवंबर को स्कूल से लौटते वक्त मनचलों ने रास्ते में उन्हें सुनसान जगह ले जाने की कोशिश की।  छात्रा मानवी ने बताया, ”घर लौटते वक्त 6 से 7 लड़कों ने मेरे भाई को घेर लिया। फिर उन्होंने हमें बुलाने को कहा, लेकिन भाई ने मना कर दिया।” ”हम स्कूल के गेट के पीछे छिपे हुए थे। तभी वो लड़के सामने से आए फिर मेरा और मेरी बहन का हाथ खींचने लगे। किसी सुनसान जगह ले जाने की आपस में बात कर रहे थे।” ”25 मिनट की छीना-झपटी के बाद किसी तरह जान बचाकर भाई के साथ भागते हुए घर आए। उस वक्त मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया था।”

बिना खौफ के स्कूल जा सकते हैं छात्रा का कहना है, ”उस दिन के बाद से हम लोग बहुत डर गए थे। स्कूल जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। मेरी बोर्ड की परीक्षा भी नजदीक है, लेकिन अब बिना किसी खौफ के फैंटम टीम के साथ जा सकते हैं।” वहीं, पिता का कहना है, ”पुलिस का बहुत शुक्रगुजार हूं। पत्नी की कैंसर की बीमारी से ऐसे ही परेशान था, उसमें बेटियों के साथ हुए हादसे ने और कमजोर बना दिया था।”

05 दिसंबर को अरेस्ट हुआ मेन आरोपी – सीओ राकेश नायक ने बताया, ”05 दिसंबर की रात आरोपी अंकित की गिरफ्तारी कर उसे जेल भेजा जा चुका है। दोनों छात्रों को एक फैंटम टीम दी गई है, जो आते-जाते समय साथ इनके साथ रहेगी। केस के मुख्य आरोपी के साथ तीन और की अरेस्टिंग भी हो चुकी है।”

LEAVE A REPLY