परवीन बॉबी से रामी रेड्डी तक, बेहद बुरे हाल में गुजरे इन 8 एक्टर्स के आखिरी दिन

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आमिर खान की पॉपुलर फिल्म ‘लगान’ के ईश्वर काका उर्फ श्रीवल्लभ व्यास (60) का लंबी बीमारी के बाद रविवार को जयपुर में निधन हो गया। कुछ साल पहले एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें पैरालिसिस अटैक आया था, जिसके बाद से उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और वे सिर्फ लिक्विड डायट पर थे। 2013 में उनकी फैमिली इलाज के लिए जैसेलमेर से जोधपुर शिफ्ट हुई थी। श्रीवल्लभ व्यास की पत्नी शोभा के मुताबिक, इनकी बीमारी की वजह से उन्हें 2 साल में तीन घर बदलने पड़े। लोग कहते थे, बीमार शख्स साथ है, हम नहीं रख सकते।

वैसे, श्रीवल्लभ व्यास ही नहीं, बल्कि ऐसे कई एक्टर्स रहे हैं, जिनकी हालत जिंदगी के आखिरी वक्त में बेहद खराब थी। इनमें गुजरे जमाने की एक्ट्रेस परवीन बॉबी से लेकर ‘शोले’ के रहीम चाचा यानी एके हंगल तक शामिल हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं कुछ ऐसे ही एक्टर्स के बारे में जिनकी जिंदगी का आखिरी वक्त बेहद मुश्किलों में बीता।

परवीन बाबी – 20 जनवरी, 2005 को परवीन बाबी ने दुनिया को अलविदा कहा। वे सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं। ये अनुवांशिक बीमारी थी, जिसके ठीक होने की संभावना न के बराबर थी। परवीन डायबिटीज और गैंगरीन से भी पीड़ित थीं। इस वजह से उनकी किडनी और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उनकी मौत किसी बीमारी से हुई या उन्होंने आत्महत्या की, ये बात अब तक राज ही है। परवीन बॉबी के पड़ोसियों ने पुलिस को इन्फॉर्म किया था कि उनके घर के बाहर अखबार और दूध के पैकेट दो दिन से पड़े थे। इसके बाद पुलिस ने नकली चाबी से उनके घर का ताला खोला था

रामी रेड्डी बॉलीवुड और साउथ की कई फिल्मों में विलेन का रोल प्ले कर चुके एक्टर रामी रेड्डी को उनके क्रूर किरदारों के लिए जाना जाता है। फिर चाहे 1993 में आई फिल्म ‘वक्त हमारा है’ में कर्नल चिकारा का रोल हो या ‘प्रतिबंध’ में अन्ना का, रामी विलेन के हर किरदार में जान डाल देते थे। हालांकि, 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके रामी को लिवर की बीमारी ने घेर लिया था, जिसकी वजह से वो अक्सर बीमार रहने लगे थे। लिवर की बीमारी के चलते रामी का ज्यादा वक्त घर पर ही बीतता था और धीरे-धीरे वो पब्लिक में जाने से बचने लगे। हालांकि, एक बार वो एक इवेंट में नजर आए थे, जहां उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया था। रामी को लिवर के बाद किडनी की बीमारी ने भी घेर लिया था, जिसकी वजह से मौत के पहले वो सिर्फ हड्डियों का ढांचा रह गए थे। हालांकि, कहा जाता है कि उन्हें कैंसर भी हो गया था। कुछ महीनों तक इलाज चलने के बाद 14 अप्रैल, 2011 को सिकंदराबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में रामी रेड्डी की मौत हो गई।

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