कॉलेज में पढ़ने भी जाती है 21 साल की जया, सुनने उमड़ती है लोगों की भीड़

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भक्तों ने दिया किशोरी नाम उनके घर का नाम जया शर्मा था। गुरुजी बचपन में राधा कहते थे। भक्तों ने किशोरी नाम दे दिया। वे जब से कार्यक्रम करने लगीं तो सभी साध्वी जया किशोरी कहने लगे। जया किशोरी के दादाजी और दादीजी के साथ रहने और भक्ति का माहौल होने से बचपन में ही भगवान कृष्ण के लिए उनके मन में प्रेम जागृत हो गया। जया किशोरी ‘नानी बाई का मायरा, नरसी का भात’ कार्यक्रम करती हैं।

जया किशोरी 5 साल की उम्र में ही ठाकुर जी के आगे भजन गाने लगी थीं। बताया जाता है कि गायक कुमार विशु गाना चल रहा था, “कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं…।” जिसे सुनकर जया भी गुनगुनाने और नाचने लगीं। इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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