ये साड़ी पहनकर सड़कों पर निकल गयी महिला, लोगों ने ZOOM करके देखा तो हिल गया दिमाग

0
1204

भारतीय संस्कृति में साड़ी ऐसा परिधान है, जो ना ही सिर्फ एक महिला को खूबसूरत बनाती है बल्कि उनकी खूबसूरती में इस कदर चार चाँद लगा देती है जिसे फिर कोई परिधान टक्कर नहीं दे सकता. मानते हैं ना साड़ी पहनकर कर हर महिला बहुत सुन्दर लगती है. साड़ी महिलाओं की सुन्दरता में चार चाँद लगा देती है. आपने देखा होगा महिलाएं ज्यादातर फंक्शन में साड़ी ही पहनती हैं, चाहे वह दक्षिण में तमिलनाडु हो या पश्चिम का गुजरात या हो बनारसी साड़ी या फिर बंगाल की धोती; साड़ी को इन सभी राज्यों में उनके पर्व या त्योहारों के दिन पहना जाता है। इसे पारंपरिक वेशभूषा भी कहा जा सकता है । देखा जाए, साड़ी भारतीयता का सूचक है जिसका अपना अलग इतिहास है। तो जानते है कि भारत में साड़ी का इतिहास क्या है ।

साड़ी का इतिहास 
1 – साड़ी का उल्लेख वेदों में मिलता है। यजुर्वेद में साड़ी शब्द का सबसे पहले उल्लेख मिलता है। दुसरी तरफ ऋग्वेद की संहिता के अनुसार यज्ञ या हवन के समय स्त्री को साड़ी पहनने का विधान भी है।
2 – साड़ी विश्व की सबसे लंबी और पुराने परिधानों में एक है। इसकी लंबाई सभी परिधानों से अधिक है
3 – भारतीय साड़ी का उल्लेख पौराणिक ग्रंथ महाभारत में भी मिलता है जहां, साड़ी को आत्मरक्षा का प्रतीक माना गया था। महाभारत के अनुसार जब दुर्योधन ने द्रौपदी को जीतकर उसकी अस्मिता को सार्वजनिक चुनौती दी थी। तब श्रीकृष्ण ने साड़ी की लंबाई बढ़ाकर द्रौपदी की रक्षी की थी।
4 – यदि देखें साड़ी प्राचीन काल से चली आ रही है। जिसमें रीति रिवाज के अनुसार साड़ी पहनी जाती है। विवाहित महिला जहां रंगीन साड़ी पहनती है वहीं विधवा महिलाएं सफेद रंग की साड़ी पहनती हैं। इसके अलावा साड़ी मे समय के अनुसार परिवर्तन हुए हैं। जो अब डिजाइनर साड़ी में देख सकते हैं। अब विवाहित महिला डिजाइनर साड़ी पहनती हैं वहीं सफेद रंग के डिजाइनर साड़ियों से मार्किट भरा है।

मानते हैं ना साड़ी पहनकर कर हर महिला बहुत सुन्दर लगती है. साड़ी महिलाओं की सुन्दरता में चार चाँद लगा देती है. आपने देखा होगा महिलाएं ज्यादातर फंक्शन में साड़ी ही पहनती हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने भी साड़ी पहनी लेकिन इनकी साड़ी में कुछ ऐसा था जिसे देखने के बाद लोगों का दिमाग ही हिल गया.

दरअसल साड़ी पहनने वाली इस खूबसूरत महिला का नाम बताया जा रहा है वंशिका. वंशिका हाल ही में साड़ी पहनकर बाज़ार निकली थीं, लेकिन यहाँ उनकी साड़ी में लोगों को कुछ ऐसा नज़र आया जिसे देखने के बाद लोगों ने अपना सिर पकड़ लिया. जी हाँ दरअसल आप भी अगर वंशिका की इस साड़ी को zoom करके देखेंगे तो आपको इस पर नोटबंदी के बाद बंद हो चुके 500 और 1000 के नोट नज़र आयेंगे.

वंशिका जी से जब इस खूबसूरत साड़ी और उसपर छपे नोट की आकृति का तर्क पूछा गया तो उन्होंने बड़ी ही खूबसूरती से इस बात का जवाब देते हुए कहा कि, “ये मेरा आईडिया है. मैं भारत में अब बंद हो चुके इन नोटों को एक खूबसूरत अंदाज़ में संजो कर रखना चाहती थी, और इसलिए मैंने ये किया.” आप भी देखिये वंशिका की ये बेहद ही खूबसूरत सोच के साथ बनायी गयी ये लाजवाब साड़ी. इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर वंशिका के इस लुक की और उनकी खूबसूरती की जमकर तारीफ़ हो रही है.

LEAVE A REPLY