मिलिए, इंडियन बॉर्डर की पहरेदारी करने वाले इस भूत से !

0
12584

हरभजन सिंह के बारे में बता दें कि वह एक ऐसे सैनिक थे, जो मरणोपरांत भी अपना काम पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे हैं। मरने के बाद भी वो सेना में कार्यरत हैं और उनकी पदोन्नति भी होती है। हैरान करने वाली बात ये है 30 अगस्त 1946 को जन्मे बाबा हरभजन सिंह 9 फरवरी 1966 को भारतीय सेना के पंजाब रेजिमेंट में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे।

1968 में वो 23वें पंजाब रेजिमेंट के साथ पूर्वी सिक्किम में सेवारत हुए। इसी साल 4 अक्टूबर को पूर्वी सिक्किम के पास उनका पांव फिसल गया और वह घाटी में जा गिरे। घाटी में गिरने से उनकी मौत हो गई। यहां पानी बहाव तेज होने के कारण वह बहते हुए 2 किलोमीटर दूर पहुंच गए।

LEAVE A REPLY